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2 Sep 2025 · 1 min read

इश्क का ऐसा सिलसिला रखना

इश्क का ऐसा सिलसिला रखना
क़ुर्बतों में भी फासला रखना

आंधियां जब तेरे मुकाबिल हो
तुम चिरागों सा हौसला रखना

मैं अमावस की रात आऊँ तो
दर पे अपने दिया जला रखना

मंज़िले तो करीब हैं तेरे
बस हिफ़ाज़त से काफ़िला रखना

तेरी सूरत से सामना होगा
आईने में भी कुछ जिला रखना

हाय इस दौर-ए -रायगानी में
चेहरा तेरा खिला-खिला रखना

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