दोहा मुक्तक
दोहा मुक्तक
आतंकी जो देश के,हो उनकी पहचान।
चौराहे पर टाँग दो,ले लो उसकी जान।।
नही सुरक्षा दो इन्हें,करे खोखला देश।
अंत करें इन दुष्ट का,ध्वजा बढाये मान।।
इंसानों के ज्ञान से, हो उनकी पहचान।
कार्य क्षेत्र में हो सदा,इनका ही सम्मान।।
उदाहरण बनके रहे,आकर्षण के केंद्र।
भारत के उत्थान में,करे ये योगदान।।
* प्रियदर्शिनी राज