बतरस में नैना पगे,प्रीत पगे रुखसार।
बतरस में नैना पगे,प्रीत पगे रुखसार।
डोलें बदरा मद भरे,हुआ धरा से प्यार।।
डॉ . रागिनी स्वर्णकार शर्मा
बतरस में नैना पगे,प्रीत पगे रुखसार।
डोलें बदरा मद भरे,हुआ धरा से प्यार।।
डॉ . रागिनी स्वर्णकार शर्मा