खामोशियां
खामोशियां
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बहुत खामोशियां भी तो कभी अच्छी नहीं होती।
बिना कारण घुटन महसूस भी तो है वहीं होती।
करें बातें खुले मन से सुनें बातें खुले मन से।
बहुत नादानियां भी तो सभी से है यहीं होती।
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-सुरेन्द्रपाल वैद्य, मण्डी (हि.प्र.)