चलता है अपना देश किसानों से दोस्तो।
चलता है अपना देश किसानों से दोस्तो।
पलता है अपना देश किसानों से दोस्तो।
लेकिन समझ में बात ये आती नहीं है क्यों,
जलता है अपना देश किसानो से दोस्तो।
राजेश पाली ‘सर्वप्रिय’
चलता है अपना देश किसानों से दोस्तो।
पलता है अपना देश किसानों से दोस्तो।
लेकिन समझ में बात ये आती नहीं है क्यों,
जलता है अपना देश किसानो से दोस्तो।
राजेश पाली ‘सर्वप्रिय’