मेरा बालम कलाकार
(शेर)- यह मैं नहीं, उसको गुरु, हाँ यह जमाना कहता है।
देखो, उसका सम्मान कितना, यह जमाना करता है।।
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मेरा बालम कलाकार, बहुत बड़ा कलमकार।
जिसने लिखें गीत हजार, जिनको गाये यह संसार।।
मेरा बालम कलाकार——————-।।
सूरज सा चमके वह, जैसे आफ़ताब हो।
रात को करें रोशन वह, जैसे माहताब हो।।
सारा जग है हैरान, उसके देख चमत्कार।
खुशबू उसके लबों में, जिससे महके यह संसार।।
मेरा बालम कलाकार—————-।।
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(शेर)- जादू है उसकी बातों में, जिसका दीवाना है यह संसार।
देखकर उसकी सादगी, उसको देता सम्मान यह संसार।।
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सुनकर उसकी बातें, दीवानी हो जाती है दुनिया।
देती है सम्मान उसको, पलकों पे बैठाती है दुनिया।।
हाँ, वह है गुस्सैल, फिर भी वह है मददगार।
हृदय से वह पवित्र, जिसपे फिदा यह संसार।।
मेरा बालम कलाकार—————–।।
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(शेर)- वह दीवाना है मेरा, मेरे ख्वाबों में डूबा रहता है।
मैं जिंदगी-जान हूँ उसकी, हाँ वह मुझपे मरता है।।
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है नशा उसकी मोहब्बत में, हाँ,मैं दीवानी हूँ उसकी।
मुझको बहुत अभिमान है उसपे, मैं जिन्दगानी हूँ उसकी।।
मैं तो उसपे हूँ कुर्बान, वह है मेरा सुपरस्टार।
वह है ऐसा रचनाकार, जिसको करें सलाम संसार।।
मेरा बालम कलाकार—————-।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)