ख़ुद से बेवफ़ाई 💔
भविष्य से वे डरते हैं जिन्हें शादी करना है ,
हमे तो गुफ़्तगू करना हैं ,
कौन पढ़े कबूलनामा ,
हमे तो बस इश्क़ करना है ।
जिह्हलत से अब दूरियाँ चाहता हूँ ,
बस उसके संग ख़ुतबा पढना है ,
ऐरी गैरी जहन्नुम से रिहाई माँगता हूँ ,
बस मैं, बेवफाई चाहता हूँ ।
रही मेरी जान बाकि कभी मोहब्बत में ,
तो फ़ना हो जाउग़ा ,
सह के सारे जख्म मैं ,
अंत मे अपने वादे से मुकर जाऊँगा ।