कभी इंसान का "व्यक्तित्व" उसके कृतित्व से तय होता है। अब दुर
कभी इंसान का “व्यक्तित्व” उसके कृतित्व से तय होता है। अब दुर्भाग्यवश “कृतित्व” का आंकलन व्यक्तित्व से होने लगा है।
कभी इंसान का “व्यक्तित्व” उसके कृतित्व से तय होता है। अब दुर्भाग्यवश “कृतित्व” का आंकलन व्यक्तित्व से होने लगा है।