एक और सौ हाइकु
युवा मन पर सौ हाइकु
सपने और उमंग
101.
नयन में सपने,
भोर की धूप जैसे,
उगते हर दिन।
102.
उमंग के पंख,
आसमान छूने को,
मन मचलता।
103.
हवा से बातें,
नाव युवा मन की,
लहर पे तैरे।
104.
धूप की रेखा,
भविष्य का मार्ग,
साफ दिखे।
105.
यौवन की आग,
सपनों को गढ़ती,
सोना बने।
106.
मन में ज्वाला,
अंधियारा तोड़ती,
राह जलाए।
107.
नए किनारे,
युवा मन खोजेगा,
क्षितिज छुए।
108.
हँसी की लहर,
कदमों की थिरकन,
जीवन नाचे।
109.
भोर की पंछी,
युवा मन उड़ चला,
नीला गगन।
110.
मन का दीपक,
ज्योति से कहता है,
हार मत मान।
—
प्रेम और संवेदना
111.
नयन की भाषा,
पहली बार बोले,
दिल धड़कता।
112.
मिलन की खुशबू,
फूलों-सी महकती,
युवा हृदय।
113.
प्रेम की डोर,
सपनों को बाँधती,
नन्ही सी आशा।
114.
साँझ की छाया,
दो हाथ थामते हैं,
मन गुनगुनाए।
115.
बरसात आई,
भीगते कदम बोले,
प्रेम अमर है।
116.
रात का तारा,
प्रेमियों की आँखों,
में चमकता।
117.
गुपचुप बातें,
पन्नों पर लिखीं हैं,
पहला खत।
118.
फूलों का मौसम,
मन भी महक उठा,
प्रेम खिले।
119.
साँझ का झूला,
दो दिल झूल उठे,
गीत बजे।
120.
धड़कनों की धुन,
युवा मन सुनता है,
प्यार अमर।
—
संघर्ष और विद्रोह
121.
तूफ़ान भीतर,
युवा मन गरजता,
हौसले संग।
122.
अन्याय देखे,
मन तलवार बने,
सत्य पुकारे।
123.
बाँध टूटते,
लहरें कह उठतीं,
अब जगो तुम।
124.
सीना ताने,
युवा मन खड़ा है,
आवाज़ बुलंद।
125.
अंधियारे दिन,
दीपक बन जला है,
जागता मन।
126.
अन्याय तले,
युवा मन उठ खड़ा,
क्रांति करे।
127.
तलवार शब्दों की,
युवा हाथ थामे,
सत्य लिखे।
128.
दीवार गिरी,
युवा मन लड़ा है,
स्वप्न जीता।
129.
पसीने की धार,
ईंटों पे गिरी है,
घर खड़ा।
130.
युवा की हुंकार,
पर्वत भी हिल जाए,
धरा गूँजे।
—
आशा और भविष्य
131.
सपनों की नाव,
क्षितिज तक जाएगी,
मन कहे।
132.
आशा की लौ,
हर तूफ़ान झेलेगी,
ज्योति बने।
133.
फसलें सुनहरी,
भविष्य के बीज,
आज बोए।
134.
पलकों में छुपा,
कल का सुनहरा दिन,
मन सजाए।
135.
हर कदम कहे,
रुकना नहीं अब तो,
राह खुली।
136.
युवा मन चाहे,
हर सीमा तोड़ दे,
आकाश पाए।
137.
कल की सुबह,
आज की मेहनत से,
रूप लेगी।
138.
पसीना बोए,
सपनों की फसलें,
मन लहलहाए।
139.
भविष्य की राह,
सपनों से सजी है,
युवा चले।
140.
दीप जलाओ,
हर युवा मन भीतर,
उम्मीद रखो।
—
अकेलापन और द्वंद्व
141.
भीड़ के बीच,
मन अकेला बैठे,
कौन सुने।
142.
अधूरे सपने,
नींद को सताते,
मन रोता।
143.
रात की खामोशी,
सवाल पूछती है,
उत्तर कहाँ।
144.
तन्हा सफ़र,
कदम थकते जाते,
मन हिम्मत दे।
145.
भ्रमित राहें,
युवा मन खोजता,
सही दिशा।
146.
दिल की धड़कन,
कभी तेज कभी धीमी,
द्वंद्व भीतर।
147.
मन की खिड़की,
बंद कर बैठा है,
रोशनी पुकारे।
148.
सन्नाटा गहरा,
सवालों का बोझ,
मन दबाए।
149.
रात का तारा,
मन कहे अकेला,
फिर भी चमक।
150.
कभी उदासी,
युवा मन डूबे सा,
फिर उभरे।
—
जोश और सृजन
151.
कूची की रेखा,
कैनवास पे लिखती,
युवा सपना।
152.
संगीत बजे,
युवा मन गाता है,
जीवन राग।
153.
कविता बहती,
स्याही से जन्मे,
मन के स्वर।
154.
पुस्तक की गंध,
युवा मन डूब गया,
ज्ञान समंदर।
155.
नाटक की धुन,
युवा मंच सजेगा,
जीवन बोले।
156.
चित्र उकेरे,
भविष्य की दीवार,
रंगों में।
157.
विज्ञान कहे,
युवा मन खोजेगा,
नया सितारा।
158.
संगीत झूमे,
मन पंछी गाता है,
स्वर उड़ते।
159.
कविता की लौ,
अंधियारा जलाए,
मन चमकाए।
160.
युवा की कलम,
सत्य गढ़ती रहती,
इतिहास लिखे।
—
ऊर्जा और उत्सव
161.
ढोल की थाप,
युवा मन थिरकेगा,
रंग बरसें।
162.
त्योहार आया,
नाचते कदम बोले,
जीवन जियो।
163.
खेल का मैदान,
पसीना और जोश,
विजय पुकारे।
164.
झंडा लहराए,
युवा मन कहता है,
देश हमारा।
165.
मंच की रौनक,
युवा स्वर गूँजते,
गीत उमड़े।
166.
दोस्ती की हँसी,
मन को हौसला दे,
जीवन मीठा।
167.
पर्वत की चढ़ाई,
युवा मन चढ़ता है,
सीमा तोड़े।
168.
रेस का धावक,
तेज़ी से भागेगा,
लक्ष्य मिले।
169.
खिलते फूल,
जैसे हँसी युवाओं,
से महके जग।
170.
आशा की बाजी,
युवा खेल रहा है,
जीत सुनिश्चित।
—
समर्पण और कर्तव्य
171.
देश की मिट्टी,
मन में बसी रहे,
युवा पुकारे।
172.
सीमा पर खड़ा,
सैनिक का दिल धड़के,
देश जिए।
173.
सेवा की राह,
युवा मन चुनता है,
मानवता।
174.
माँ की दुआएँ,
सपनों को सँभालें,
मन सफल।
175.
सच्चाई की राह,
युवा मन बढ़ता है,
धीरज संग।
176.
करुणा का दीप,
जलता मन भीतर,
दुख हरता।
177.
न्याय की माँग,
युवा मन पुकारे,
आवाज़ तेज़।
178.
समर्पण भाव,
हर युवा मन बोले,
मेरा धर्म।
179.
ईमानदारी,
युवा मन सँभालेगा,
सत्य पथ।
180.
कर्तव्य का दीप,
सदैव जलता है,
युवा हृदय।
—
पुनर्जागरण और नयी राहें
181.
गिरे हजार बार,
फिर भी उठ खड़ा है,
युवा मन।
182.
राह बदलते,
भ्रमित मंज़िल खोजे,
सत्य मिले।
183.
नए सवेरा,
युवा मन कहता है,
चलो जगाओ।
184.
ग़लती से सीख,
युवा मन सँवरेगा,
आगे बढ़े।
185.
अंधियारे बादल,
फटकर दिखाते हैं,
नीला गगन।
186.
मिट्टी में दबे,
बीज भी कहते हैं,
कल उगेंगे।
187.
युवा की साँसें,
भविष्य गढ़ती हैं,
हर पल नया।
188.
राह अनजानी,
युवा मन चलता है,
विश्वास संग।
189.
मुस्कान छोटी,
फिर भी बना देती,
जीवन मधुर।
190.
फिर से लिखेगा,
इतिहास नया कोई,
युवा मन।
—
समापन स्वर
191.
यौवन ज्योति,
धरती को जगाती,
सपनों जैसी।
192.
हिम्मत की डोर,
हर बंधन तोड़ेगी,
युवा मन।
193.
सत्य का दीपक,
युवा हाथ थामे,
राह दिखाए।
194.
उमंग की नदी,
लहरों में बहता,
मन अनंत।
195.
साहस की उड़ान,
आसमान छूती है,
युवा शक्ति।
196.
अधूरी राहें,
युवा मन पूरी करे,
लक्ष्य पाए।
197.
गीत की तान,
जीवन सँवारती है,
युवा हृदय।
198.
सपनों का पर्व,
हर दिन मन गढ़ता है,
नया सवेरा।
199.
आशा का दीप,
कभी न बुझ पाएगा,
युवा मन।
200.
भविष्य खिलेगा,
जब युवा मन बोले,
आओ चलें।
© अमन कुमार होली