Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
31 Aug 2025 · 1 min read

मुलाकात

किस्मत से अपनी अगर हुई है मुलाकात।
किसी से क्या पूछना अब हो जाए दो शब्द बात ।।

मुलाकात का आलम ये था शाम नहीं ढली उस दिन,
कैसी गुजरी रात बिन मुलाकात के तारे गिन गिन ।।

मुलाकात पल दो पल की हो या जीवन भर चले साथ उनके,
भूली नहीं जा सकती जिनसे मुलाकात को तरसते हुए जिए।

आज उनसे हुई है मुलाकात चेहरा आँखो से नहीं उतर रहा “बिपिन “,
जो भी हुई बात दिल के सिवा कोई और नहीं समझ रहा।।

रचनाकार
बुद्ध प्रकाश
मौदहा हमीरपुर

Loading...