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31 Aug 2025 · 1 min read

#शीर्षक:-परछाई राधा बन जायें

#दिनांक:- 31/8/2025
#शीर्षक:-परछाई राधा बन जायें

मुरली मधुर बजाते छवि देखी कृष्ण की
प्रेम रस भीनी मधुर मुरली बजाती,
राधा नजर आयें,
प्रेम का संसार अनोखा सखि रे,
देखूँ कृष्ण को साक्षात पर,
परछाई राधा बन जायें ।
असीमानंदित अभिव्यक्ति प्रेम का
कृष्ण छवि अपनी निहारें,
निरीह-सी राधा
कृष्ण को प्रेम से निहारें,
एक के अंदर एक विराजते,
प्रेम सुधि में प्रेम के सहारे।
सखी रे,
ना देखी ना सुनी थी ऐसी प्रेम कहानी!
हृदयपूर्ण लगती ये जोड़ी लुभावनी,
छलिया नाम कृष्ण का पर,
पीछे-पीछे भागती प्रेम दिवानी |।

रचना मौलिक, स्वरचित और सर्वाधिकार सुरक्षित है।

प्रतिभा पाण्डेय “प्रति”
चेन्नई

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