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30 Jul 2025 · 1 min read

हिंदी

हिंदी
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हम हिंदी के उपासक हैं,
हिंदी देवी की मूरत ।
हिंदी भारत की सूरत ।।

हिंदी में संस्कृति की धारा ।
हिंदी मृदुल, जन-जन का नारा ।।

हम हिंदी के उपासक हैं,
इसमें विविध लोकभाषाओं की छवि।
नित सृजन करते लाखों लेखक -कवि।।

हिंदी भारत का जीवन ।
हिंदी भारत का तन-मन ।।

हम हिंदी के उपासक हैं,
हिंदी घर-घर की भाषा ।
हिंदी स्वर्णिम कल की आशा।।

लिखें , पढ़ें और बोलें हिंदी ।
तो हर हाल में समृद्ध हो हिंदी ।।

हम हिंदी के उपासक हैं,
हिंदी साधना, नैतिक दायित्व हमारा ।
हिंदी के प्रति सच्चा हो प्यार हमारा ।।

– मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
ग्राम रिहावली, डाक घर तारौली गूजर, फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश 283111
9627912535

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