मानव तू महान बनेगा
सदाचार का पालन करके
मानव तू बलवान बनेगा
इंद्रिय बस में होगी जब
तब ही तू आत्मवान बनेगा
विपदा के क्षण धीरज धर
तभी तो धीरजवान बनेगा
अगर भावना दूषित होगी
तो जग में शैतान बनेगा
सत् संगत से विमुख न होना
प्राणी तू महान बनेगा
रमेश चंद्र ‘उदास’