जात और औक़ात का पता किसी के रंगरूप, पहनावे या खानपान से नहीं,
जात और औक़ात का पता किसी के रंगरूप, पहनावे या खानपान से नहीं, “भाषाई व्यवहार” से चलता है। जातीय गौरव को घटाने नहीं बढ़ाने का प्रयास सबकी प्राथमिकता होना चाहिए।
😞प्रणय प्रभात😞
जात और औक़ात का पता किसी के रंगरूप, पहनावे या खानपान से नहीं, “भाषाई व्यवहार” से चलता है। जातीय गौरव को घटाने नहीं बढ़ाने का प्रयास सबकी प्राथमिकता होना चाहिए।
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