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30 Jul 2025 · 1 min read

*साम्ब षट्पदी---*

साम्ब षट्पदी—
30/07/2024

मेरे लिए।
जाने कितने ही,
तुमने जतन किये।।
प्राण ऊर्जा बनकर आये।
सचमुच सच्चे प्रेरक हो तुम,
आरती के दीये मेरे पथ में जलाये।।

तेरे लिए।
सब कुछ दिए।।
तुम खुश रहा करो।
यूँ किसी से कभी मत डरो।।
सत्य है अब भी तुम्हारे साथ हूँ।
जब तक हूँ धरा पर तेरा हाथ हूँ।।

फेरे लिए।
मुश्किलों के साथ।
अब भी भीगे हैं देखो,
पसीने से कर्मशील हाथ।।
सनी हुई हैं ये माथे की रेखाएं,
उदाहरणों के उजाले सबेरे लिए।।

— डॉ. रामनाथ साहू “ननकी”
संस्थापक, छंदाचार्य
(बिलासा छंद महालय, छत्तीसगढ़)

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