मुक्तक, दोहा, चौपाई
मुक्तक, दोहा, चौपाई
न किस्सा यैसा, न किस्सा वैसा l
सब का सब किस्सा किस्सा पैसा ll
ताकत प्यास का प्यासा समझ ले l
कोई न हो सके, मेरे जैसा ll
प्यास दोहा
यैसा वैसा है नही, किस्सा पैसा समझ l
ताकत की जो प्यास है, पैसे से ले सुलझ ll
चौपाई
ना है किस्सा यैसा वैसा l
सब का सब है किस्सा पैसा ll
ताकत प्यास, बना है प्यासा l
कोई ना है, मेरे जैसा ll
अरविंद व्यास “प्यास”