जब तुम अपने हौसलों के बल पर
जब तुम अपने हौसलों के बल पर
खुलकर अपनी उड़ान भरते हो
तो फिर इन आसन्न बाधाओं से
अकारण तनिक भी क्यों डरते हो
पारस नाथ झा
जब तुम अपने हौसलों के बल पर
खुलकर अपनी उड़ान भरते हो
तो फिर इन आसन्न बाधाओं से
अकारण तनिक भी क्यों डरते हो
पारस नाथ झा