बड़ा होना है, तो बड़े शहरों में रहना पड़ता हैं,
बड़ा होना है, तो बड़े शहरों में रहना पड़ता हैं,
जड़ें साथ अपने लेकर, फिर चलना पड़ता है l
जमीं दूसरी में, जमना आसान नहीं होता,
विस्थापित होने का खतरा हरदम रहता है l
बड़े शहर में रहकर भी, कद गांव में बढ़ता है,
यहां कौन है पूछता, कौन ही अपना रहता है l
खू मेरे गांव का ही शहरों को सींचता है,
मेरे गांव में हर चेहरा पीला पड़ा रहता है l
डॉ राजीव “सागरी”