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29 Jul 2025 · 1 min read

*साम्ब षट्पदी---*

साम्ब षट्पदी—
29/07/2024

इनकार।
जब सुनते हैं,
भविष्य से हो करार।।
नये रास्ते खुलते वहीं से।
वर्तमान इतिहास समा जाता,
कोई ढ़ूँढ़ता चला आता मुझे कहीं से।।

इकरार।
करे सरकार।।
कुछ झूठे इरादों से।
मुकरती रहती वादों से।।
आते भी हैं तो वो कान फोड़कर।
खुश होते एकजुटता को तोड़कर।।

तकरार।
बात-बात पर।
आदत में शुमार है,
हँसी आती हर घात पर।।
अपनी हरकत पे इतराते,
ताज्जुब है फिर भी सब करते प्यार।।

— डॉ. रामनाथ साहू “ननकी”
संस्थापक, छंदाचार्य
(बिलासा छंद महालय, छत्तीसगढ़)

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