तूफानों के वेग से
तूफानों के वेग से पर्वत कभी हिलते नहीं
दम्भ के आचरण से हृदय पुष्प खिलते नहीं
सुख शांति जिंदगी में सबको तभी मिल पायेगा
अज्ञान तम और ईर्ष्या का भाव जब मिट जायेगा
संभल जा प्राणी अभी वक्त काफी शेष है
जहां तू पैदा हुआ यह ज्ञानियों का देश है