मत निराश हो आंनद मनाओ
मत निराश हो आंनद मनाओ
बीती बातों में न डूब जाओ
सुख दुःख हैं जीवन के दो पहलू
आये जायेंगे मत घबराओ
मानवता ही आभूषण मानव का
मानवता के गुण अपनाओ
यह मानव जीवन सुर दुर्लभ
मन की चंचलता में मत जाओ
खोया वक्त नहीं फिर मिलता
समय सुनहरा यूं न गंवाओ
रमेश चंद्र ‘उदास’