हरियाली तीज
तीज का त्योहार महिलाओं का श्रृंगार
मां गौरा पिता शिव का आशीर्वाद,
हरियाली तीज है आई
बहनों,सावन में बहार लाई ,
कंगना बोले चूड़ी खनके
हर मन की आशा की बगिया महके,
यह पर्व संस्कृति का एक दूजे का है सम्मान
दिवस शिव पार्वती जी का मिलन है मान,
हरियाली से संजीव वृक्ष फूलों से लदी डाली
झूला झूल रही गोरी खुश हो रहा मन का माली,
जीवन में रहे सदा प्रेम भाव संचार
भाव समर्पण रहे हैं खुशियों का आधार,
पति की दीर्घायु की करते हम कामना
तीज पर पर मां गौरी शिव की करें आराधना,
पहने रंग बिरंगी लहारिया करके सोलह श्रृंगार
नाम पिया की मेहंदी हाथ सजी
सखी संग करें मनुहार,
मेघा गरजे, जल बरसे,
बिजली चमकी भीगी प्रेम रस से
कोयल कूके पपीहे बोले वन में नाचे मोर
डाली पर झूले टांगें सावन आया मचे शोर,
मौसम का यह रूप अनोखा बांधे रिश्तो का पास
सावन की हरियाली तीज सब में भरे प्रकाश।
– सीमा गुप्ता अलवर राजस्थान