वर्षा की फुहारे
वर्षा की फुहारे
तीज का त्यौहार
शिव गौरी का पूजन
प्रफुलित मन
हाथ मेहंदी है रची
सखी संग चली
आया सावन
आई हरियाली तीज
प्रेम का प्रतीक
गा रही झूले पर गीत
अखंड सौभाग्य रहे
नर-नारी प्रेम प्रीत
खुशियां बरसे खिले सुमन
हर्षित रहे सब जन।
– सीमा गुप्ता अलवर राजस्थान