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27 Jul 2025 · 1 min read

यदि कोई प्रेरणा पाकर

यदि कोई प्रेरणा पा करके
परिवर्तन लाते अपने में
वेदनाएं व्यथाएं मिट जायें
जैसे आई हों सपने में
दुःखालय जग है सुख है कहां
आनंद प्रभु नाम के जपने में
ढूंढ़ो तो निश्चय पाओगे
आत्मज्ञान छिपा है अपने में
उमर बीत यूं ही जायेगी
विषय भोगों में फसने में
जीवन का लक्ष्य न खो जाये
परिवर्तन लायें अपने में
रमेश चंद्र ‘उदास’

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