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27 Jul 2025 · 1 min read

हरियाली तीज

शुक्ल पक्ष की तीज यह , लाया सावन मास ।
सखियाँ झूला झूलतीं,. ..मन मे भर उल्लास।।

खाने को व्यंजन मिलें ,घर मे कई लजीज ।
सावन मे आये सदा ,..जब हरियाली तीज ।

सावन के झूले पड़े,…सखियाँ गातीं गीत ।
सबके साजन आगये, तुम भी आओ मीत ।।

रहे सिंदारा रोज ही,लगे नित्य फिर तीज ।
खाने मे मिलते रहे,व्यंजन अगर ल़जीज ।।

झूला झूलें साथ मे,सखिंयाँ सभी अज़ीज l
आती है जब साल मे,सावन की ये तीज ।।

टहनी बोले आम की,झूले से सुन यार ।
लेते हो तुम साल मे,सुधि मेरी इक बार ।।
रमेश शर्मा

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