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26 Jul 2025 · 1 min read

मिसालें मित्रता की

मिसालें मित्रता की

सबसे आसान होता है दोस्ती का रिश्ता
सदियों से ही चली आ रही है ये दास्ताँ
साँझा करते गमों के साथ खुशियाँ भी
मुश्किलों में काम आते, वही हैं फ़रिश्ता

कृष्ण-सुदामा की मित्रता बड़ी बेमिसाल
आज भी देते हैं, इस दोस्ती की मिसाल
दोस्त ऐसे हो, गुज़र जाते हैं सालों-साल

नेहरूजी ने बढ़ाया था दोस्ती का हाथ
हिंदी-चीनी,भाई जैसे रहेंगे साथ-साथ
आज तक कर रहें हैं मित्र घात पर घात

लालबहादुर भी कभी गए थे न ताशकंद
आनी थी रिश्तों में और भी मीठी सुगंध
पर आई उनकी मौत से षड्यंत्र की गंध

कहने को पड़ोसी और हम हैं भाई-बंद
समझौतों के साये में खाते कईं सौगंध
दोस्ती की ओढ़नी पे लगाते लाल पैबंद
सरला मेहता

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