Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
25 Jul 2025 · 1 min read

'नर'

हे
नर
मन में
अभिमान
बसे न कभी
रख ध्यान सदा
हो हर जीव सुखी।

हे
नर
देख तू
बनकर
पादप सम
कर उपकार
बने जड़ जंगम।

गोदाम्बरी नेगी ‘पुंडरीक’

Loading...