तट पर बैठे-बैठे तेरे
तट पर बैठे-बैठे तेरे
हाथ कहाँ कुछ आएगा !
रत्न मिलेंगे तुझको जब
सागर के तह में जाएगा !
कुछ ना आए हाथ तो समझना
डुबकी अभी अधूरी है !
चाहे कितना भी मुश्किल हो
पहला कदम जरूरी है !
✍️ कपिल सैनी
तट पर बैठे-बैठे तेरे
हाथ कहाँ कुछ आएगा !
रत्न मिलेंगे तुझको जब
सागर के तह में जाएगा !
कुछ ना आए हाथ तो समझना
डुबकी अभी अधूरी है !
चाहे कितना भी मुश्किल हो
पहला कदम जरूरी है !
✍️ कपिल सैनी