“बोलियाँ लगती बेटियों की - मौन हिंदुस्तान है”
बोलियाँ फिर लग रही हैं, मंडियाँ फिर सज रही हैं।
आने दो आने नहीं अब, लाखों में कीमत लग रही है।।
सब्ज़ियाँ बिल्कुल नहीं हैं, टुकड़ा ज़मीं का भी नहीं है।
आबरू हर घर की है ये, बेटियाँ फिर कट रही हैं।।
मर चुका है ज़मीर अपना, थम चुका रक्त का उबाल,
बैठकर कमरों में अपने, सोशल मीडिया पर करना बवाल ।।
साज़िशों में फँस रहे हैं, कायर अब हम बन रहे हैं।
बोलती अब बंद सबकी, इकटीस अंदर बस रही हैं।।
बोलियाँ फिर लग रही हैं, मंडियाँ फिर सज रही हैं।
आने दो आने नहीं अब, लाखों में बोली लग रही है।।
शर्म हमने बेच खाई, दर्द भी अब ना रहा,
विरोध करना भूल बैठे, गीत उनके गा रहे।।
जातियों में बँट के अब भी, कट रहे बस कट रहे।
बेशर्म हैं हम इतने देखो, कौड़ियों में बिक रहे।।
इज़्ज़त बचाने के लिए, इतिहास अपना देखलो।
पद्मिनियाँ जौहर की अग्नि, गर्व से है बस चुन रही।।
बोलियाँ फिर लग रही हैं, मंडियाँ फिर सज रही हैं।
आने दो आने नहीं अब, बस बेटियाँ हैं लुट रही।।
छांगुरों के प्लान देखो, झनझनाहट सरे आम देखो।
माँ भारती के लाल देखो, सो रहे है बेहाल देखो।।
लुट रहा सम्मान देखो, मिट रही पहचान देखो।
सो रहा हिंदुस्तान देखो, कायरों की खान देखो।।
ललकार है परेशान देखो, गृहयुद्ध से हम अनजान देखो।
सनातन का अपमान देखो, हिंदुओ अब पहचान देखो।।
बोलियाँ फिर लग रही हैं, मंडियाँ फिर सज रही हैं।
आने दो आने नहीं अब, लाखों मे इज़्ज़त लुट रही है।।
अब आँखें बंद ना कीजिए, यूँ कड़वे घूँट ना पीजिए।
ज़मीर को अपने झकझोर कर, अब बेटियों की रक्षा कीजिए।।
जो नहीं रहीं ये बेटियाँ, बहुएँ कहाँ से लाओगे?
एक-एक बच्चा जन रही, फिर वो भी कहाँ से लाओगे?
धन-दौलत तो ठीक है, और घर-द्वार सब ठीक है।
पर इज़्ज़त है घर की बेटियाँ, फिर इज़्ज़त कहाँ से लाओगे?
बोलियाँ फिर लग रही हैं, मंडियाँ फिर सज रही हैं।
आने दो आने नहीं अब, हर घर की इज़्ज़त मिट रही है।।
पैसे की अंधी दौड़ में हम, नारी को भुलाकर बैठे हैं,
संतो को गाली देकर हम, छांगुरों की गोद में बैठे हैं।
छोटे परिवार के चक्कर में, सब कुछ गवाँ के बैठे हैं।
नारी को अकेला छोड़ कर, इज़्ज़त भी लुटाए बैठे हैं।।
दाँव पर अब मान अपना, हाशिए पर सम्मान है,
इतिहास था गर्वपूर्ण अपना, भविष्य तो गुमनाम है।।
बोलियाँ फिर लग रही हैं, मंडियाँ फिर सज रही हैं।
आने दो आने नहीं अब, पगड़ियाँ दाँव पर लग रही है।।
✍🏻 ललकार भारद्वाज
स्वरचित
दिनांक 18 जुलाई 2025