शास्त्रसम्मत वाणी में सम्मान बसता है,
शास्त्रसम्मत वाणी में सम्मान बसता है,
पवित्र हृदय में गुरु का ज्ञान बसता है,
कार्य सफल होता हैं यदि भाव हो सच्चा,
क्योंकि हर एक पीड़ा में भगवान बसता है,
अनामिका तिवारी ‘ अन्नपूर्णा’ ✍️
शास्त्रसम्मत वाणी में सम्मान बसता है,
पवित्र हृदय में गुरु का ज्ञान बसता है,
कार्य सफल होता हैं यदि भाव हो सच्चा,
क्योंकि हर एक पीड़ा में भगवान बसता है,
अनामिका तिवारी ‘ अन्नपूर्णा’ ✍️