अपनों की ही जलाई हुई आग में जल रहे थे हम और वो पूछ रहे थे घर
अपनों की ही जलाई हुई आग में जल रहे थे हम और वो पूछ रहे थे घर – घर जाकर बताओ कि कातिल कौन है !
स्वरचित,
स्त्री शक्ति लेखनी 🙏🙏
अपनों की ही जलाई हुई आग में जल रहे थे हम और वो पूछ रहे थे घर – घर जाकर बताओ कि कातिल कौन है !
स्वरचित,
स्त्री शक्ति लेखनी 🙏🙏