ग़ज़ल
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भोले नाथ🙏🏻
करो वंदन सभी मिलकर, कि शंकर जी पधारे हैं।
शिवानी के दुलारे जो, विनायक भी पधारे हैं।।
धतूरा, भांग गंगा जल, चढ़ाएं बिल्व के पत्ते,
त्रिलोकी नाथ भोले हैं, वो नन्दी जी के प्यारे हैं।।
गले में नाग हैं लिपटे, सजी मुंडों की माला है,
जटा में गंग की धारा, सुधाकर माथ धारे हैं।।
सजा कर में त्रिशिख सुंदर, भभूती तन रमाई है,
डमक डम डम बजे डमरू, सदा शिव शिव उचारे हैं।।
मुझे चरणों में रखना तू, मैं बालक हूँ तेरा भोले,
सिवा तेरे न कोई है, कि तेरे ही सहारे हैं।।
गोदाम्बरी ‘गौरी’