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कदम कदम पर साथ है, टी एस सी टी हमारा।
अगर न जुड़ते इस जीवन में, न मिलता जन्म दोबारा ।।
कोरोना कल में गए, साथी बहुत हमारे,
गॉडप्रे हैं मेरी, फिर ना दिखे वहीं नजारे,
हेल्प करी उसके बच्चों की, जो साथी स्वर्ग सिधारा।
कदम कदम पर————-
रुपए जमा करें जब से, जो पूण्य वही कमाए,
टीएससीटी क्या है अमरोहा में, सौरभ भैया अच्छे से समझाएं,
आंसू को खुशियों में बदलने, बन जाए एक सहारा।
कदम कदम पर————-
एक शिक्षक की परेशानी, जब कोई समझ न पाया,
शिक्षक के सहयोग को, शिक्षक ही आगे आया,
एक-एक शिक्षक के जुड़ने से करवां बना हमारा।
कदम कदम पर —————