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22 Jul 2025 · 1 min read

सौगात तिरंगे की

सौगात तिरंगे की

*सरहदों के पहरेदारों
हिन्द के ओ सूरमाओं
सौप कर हमको तिरंगा
वे सितारे बन गए हैं
*केसरी बाना पहनकर
कफ़न अपना ही सजाए
माँ,बहन और सजनी मिलके
विजय टीका है लगाए
तिरंगे की शान खातिर
खुद निछावर हो गए हैं
*सौप आज़ादी हमें वे
अंतिम सफ़र पर चल पड़े
खुश रहो भारत के वासी
ये सभी से कह गए हैं
शोर अब सब बंद कर दो
वीर प्यारे सो रहे हैं
*पुलवामा, उरी, पहलगाम
कारगिल के ओ शहीदों
वतन पर मर मिटने वालों
सूना हुआ माँओं का आँचल
पिता के काँधों पे सोए
ओढ़े तिरंगा जा रहे हैं
*सरहदों के पहरेदारों
हिन्द के ओ सूरमाओं
सौप कर हमको तिरंगा
वे फ़रिश्ते बन गए हैं
सरला मेहता
इंदौर

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