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22 Jul 2025 · 2 min read

#सियासी_बवाल

#सियासी_बवाल
#देश उठा रहा #सवाल।
राष्ट्र के द्वितीय महामहिम उप राष्ट्रपति के पद से भले चंगे जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर गर्म हुआ देश का माहौल। सेहत से जुड़ी असमर्थता को स्वीकारने के लिए कोई नहीं राज़ी। पद से हटाने के लिए महाभियोग तक चला चुके सारे विपक्षी दल भी आए समर्थन में। भाजपानीत सरकार पर उठाए सवाल। मीडिया भी ट्रायल में जुटा। श्री धनखड़ के इस फैसले के पीछे की वजह की जोर शोर से तलाश। उठ रहे नए नए सवाल।
*अगले दिन की कार्ययोजना बनाने के बाद क्यों लिया गया यह निर्णय?
*खराब ही थी सेहत तो कैसे की सदन की सहज रूप से अध्यक्षता?
*इस्तीफे की इस अभूतपूर्व घटना के बाद क्यों चुप है सरकार?
*म.म. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर पूरी सरकार के मौन की क्या वजह?
*क्या खड़गे से बहस के बीच नड्डा की अनाधिकृत टिप्पणी से हुए क्षुब्ध?
*क्या सभापति की बैठक में सत्ता की शून्य भागीदारी ने किया आहत?
*सभापति के अधिकार को चुनौती दें बैठे नड्डा का बर्ताव रहा अपमानजनक?
*सभापति के बुलावे पर नेता की जगह क्यों नहीं गया उपनेता सदन?
*क्या जस्टिस वर्मा के विरुद्ध विपक्षी प्रस्ताव स्वीकारना बना कारण?
*क्या सत्ता व संगठन स्तर पर लिखी गई घटना की स्क्रिप्ट?
“त्यागपत्र मानसिक तनाव में या फिर सरकार व पार्टी के दबाव में?
*असहज नेता के निर्णय से समूचा सत्ता पक्ष बवाल के बीच सहज कैसे?
*छुटपुट मुद्दों पर ट्वीट करने वालों के मोबाइल मूक क्यों?
*स्वास्थ्य ही वजह तो सत्र से पहले या सत्र के बाद क्यों नहीं?
*खराब सेहत का श्रेष्ठ उपचार पद पर रहते हुए संभव या पदमुक्त होने के बाद?
फिलहाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कक्ष में मुद्दे पर बैठक जारी। कई प्रमुख राजनेता मौजूद। महामहिम राष्ट्रपति इस्तीफे को लेकर फिलहाल असमंजस में। पीएम विदेशी प्रवास पर।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सदन में सत्ता पक्ष के जेपी नड्डा व गृह मंत्री अमित शाह ने मूल मसले पर साधी चुप्पी। एनडीए में शांति, विपक्ष में सरगर्मी।
उप राष्ट्रपति को आंतरिक तौर पर मनाने की भी नहीं है कोई सुगबुगाहट। इस्तीफा स्वीकार होने की प्रबल संभावनाएं। अगले उप राष्ट्रपति के नाम को लेकर कवायद के भी मिल रहे संकेत। देर शाम तक हो पाएगी स्थिति स्पष्ट।
बड़ा सवाल यह भी कि क्या राजनाथ सिंह या आरिफ मोहम्मद खान को बनाया जाएगा 15वां उपराष्ट्रपति?
बड़ी संभावना
हिंदुत्वप्रेमी मुस्लिम विद्वान आरिफ मोहम्मद खान को मौका दिए जाने की भी कम नहीं। श्री खान का पलड़ा हर लिहाज से औरों से भारी। बन सकते हैं साझा पसंद। आगे मर्जी पार्टी व सिस्टम के एकमेव थिंक टैंक व पॉलिसी मेकर की।।
प्रणय प्रभात
संपादक
न्यूज़&व्यूज (मप्र)

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