ताली बजाओ सुस्ती भगाओ
ताली बजाओ सुस्ती भगाओ
पद्मासन में बैठ जाएं।
लंबी सांस लेकर ,
सांस रोकें धारण करे,
फिर सांस छोड़ें।
फिर सांस ले यही क्रम 10 मिनट तक दुहराएं।
खड़े हो जाए
कदमताल करे
18 इंच कदम उठाए
ऊपर की ओर उछल कर घुटने को छाती से स्पर्श करें यही क्रम 10 बार करे।
लेट जाए जमीन पर
सर्प आसन करे
सिर को चारों तरफ घुमाए
अब पीठ के बल लेट जाए।
शव आसन करें
सांस धीमी करे
और धीमी और धीमी।
शरीर ढीला छोड़े।
अब कोई हलचल न करे।
साक्षी भाव में बने रहे।
प्रतिदिन यही कार्य करे
जिएं रहे मस्त होवे ।
जब – जब सुस्त लगे
ताली बजाओ सुस्ती भगाओ
और हरि गुण गाओ।
(जय हिंद जनहित में जारी )
साहित्यकार
कविगुरु संतोष कुमार मिरी साहित्य वाचस्पति