डाकिया डाक लाया कहानी
कहानी:डाकिया डाक लाया
संतोष कुमार मिरी “विद्या वाचस्पति”
रायपुर _उन दिनों की बात है जब मोबाइल नहीं होते थे संदेश भेजने के लिए पोस्ट कार्ड,अंतर्देशी पत्र में लिखकर संबंधित के पते पर भेजते थे।
बरसात का मौसम था। डाकिया सायकल सरपट चलाते,खाकी वर्दी में संदेशों का पिटारा लेकर गांव पहुंचा ही था कि सरला बोल पड़ी”ओ डाक वाले भैया हमारे नाम से कोई खत भेजा है क्या।”डाकिया उत्तरित होता है कहता की नाम क्या है तुम्हारा छोरी?
सरला…
सरला के नाम से ढेर सारा पत्र और उसके नाम से 501 रुपए का मनीआर्डर और कुछ गिफ्ट भी था।डाकिया जानकारी लेता है सरला से मनीआर्डर छुड़ाने पर हस्ताक्षर लेता है।
सरला को पता है कि आज मेरा जन्म दिन है
सरला पत्र पाते ही खुशी से उछल पड़ी।सरला अभी छोटी ही थी 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण हुई थी।महाविद्यालय में प्रवेश लेने की तैयारी में थी। सारे पत्रों को सहेलियों से पढ़वाई किंतु 1 पत्र छुपा रखी थी जिन्हें उनके सहेली ने देख लिया था।
सरला से कामिनी ने कहा “क्या छुपा रखी हो सरला कोई होने वाले मंगेतर है क्या?सरला ने तपाक से उत्तर दिया आगे पढ़ना लिखना नहीं है क्या जो ऐसी बातें करते हो।”
सरला कामिनी के हाथों पत्र सौंप देती है कहती है इसे भी पढ़कर सुना सब ने जनम दिन की शुभकामनाएं, हैप्पी बर्थडे टू यू सुन – सुन के बोर हो गई।
कामनी ने पत्र पढ़कर सुनाया ।पत्र में लिखा था ,प्रिय विद्यार्थी सरला आपका चयन….
बीटीआई बिलासपुर शिक्षा महाविद्यालय में हुई है।सरला फूला न समाई।सरला के आंखों में खुशी उभर आई।
सभी सहेलियों ने बधाई दी,जन्मदिन मुबारक के गीत गाए,नाचे भी।
अगले ही दिन सरला कॉलेज में दाखिला ली
2 वर्ष में कोर्स कंप्लीट की।सरला के क्लासमेट अमन भी कोर्स कंप्लीट किया था।
दोनों एक साथ पढ़े,पास हुए कॉलेज के टॉपर थे।दोनों प्रतिभाशाली होने के कारण दोस्ती अच्छी थीं।
अब सरला के घर वालों ने लड़की की शादी करने की सोची ,लड़की ने आगे पढ़ने,नौकरी पाने के बाद शादी के लिए हामी भरी।
सरला शिक्षक भर्ती परीक्षा में टॉपर थी शिक्षक भर्ती में चयन हो गया था। यह जानकारी भी डाकिया ने दिया था।
सरला मिठाई खिलाने सहेलियों के साथ अमन के घर पहुंची।अमन का खुशी का ठिकाना न रहा।अमन बोला “वाकई मुझे भरोसा था खुद पर और उससे ज्यादा तुझ पर।”सरला बोली आपका नहीं हुआ इस बात पर मुझे खेद हुआ।
बैठे ही थे सभी वैसे ही डाकिया ने अमन का डाक लाया।सरला तपाक से पत्र खोली देखा कि अमन शिक्षक चयन सूची में दूसरे ही स्थान पर था।सरला ने अमन को गले से लगा ली।अमन भी काफी खुश थे,पर सरला के लिए घर देखने जाने वाले थे उसके मम्मी- पापा।
अमन ने सबके सामने प्रेम प्रस्ताव रख दी।
सहेलियों और उसके मम्मी – पापा सभी राजी हो गए।अमन और सरला की शादी हो गई।
दोनों ने काफी दूर -दूर के गांव के स्कूल में पोस्टिंग पाई थी।बाद में एक ही स्कूल में ट्रांसफर करा लिए थे।
दोनों के चर्चे सहेलियों और उनके गांव वालों ने कभी नहीं भुला पाए।दोनों ने बहुत प्रसन्न हुए।दोनों ने मर्यादा में रहकर
पढ़ाई- लिखाई,जॉब पाई और खुशनसीब जीवन भी,जीवन साथी भी।