जीवन जीने के सूत्र
जीवन जीने के सूत्र
सुबह उठो
गर्म पानी पियो
भोर में ही टहलने जाओ।
कसरत करो
वापस आओ
अंकुरित अनाज
का मिश्रण खाओ।
10 मिनट चिंतन करे
मै क्या हूं ?क्यों हूं?
लक्ष्य निर्धारित करे
मेहनत करना शुरू करें
दिन- ब -दिन दृढ़ता बढ़ाए संकल्प लें।
जीवन लब्धी पुस्तकें पढ़े।
घर परिवार को समय दे
समुदाय को समय दें
बढ़ते बच्चे देश के भविष्य को समय दें।
तर्क करे,वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाये।
पढ़े और पढ़ाए उससे ज्यादा लिखें।
समाजसेवा करे
वृक्षारोपण करें।
देश राज्य के बारे में सोचें
क्या योगदान करना है करे।
स्वादिष्ट जायकेदार दोपहर का भोजन करे
20 मिनिट आराम करे
10 मिनट टहलें
वैश्विक स्तर के समाचार,
वैश्विक संकट और निदान के बारे में सोचें ।
ग्लोबल वार्मिंग,जल स्तर का नीचे चले जाना,
पर्यावरण की हास,
प्रदूषण
ये सभी समस्याओं का हल सोचे ।
कार्य रूप में योजना बनाए उसे परिणित करे।
संध्या बेला में सैर,योग,संगीत,चर्चा परिचर्चा का आयोजन करे।
निरंतर शुभ कार्य करे।
रात्रि भोजन ईश वंदन के बाद करें
10 मिनट टहले
20 मिनिट
बेहतरीन विश्राम करे
सबका धन्यवाद करे।
रात्रि शयन ध्यान पश्चात करे।गहरी सांस ले धीमी धीमी सांसे छोड़े 10 बार ऐसे करते हुए 7 घंटे के लिए सो जाएं।
कविराज
संतोष कुमार मि
विद्या वाचस्पति
रायपुर छत्तीसगढ़