प्रयास
प्रयास
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“अपने अस्तित्व की पहचान का
प्रयास भी करते रहना।
केवल जीवित रहने के लिए
शाद न कभी जीवित रहना।।”
मनुष्य जीवन केवल श्वासों के आने-जाने का नाम नहीं, बल्कि यह एक सतत यात्रा है आत्मबोध, आत्मविश्वास और आत्मविकास की। इस यात्रा में “प्रयास” ही वह धुरी है, जिसके चारों ओर सफलता, आत्मसंतोष और जीवन की सार्थकता घूमती है। प्रयास के बिना जीवन की कल्पना, एक निष्प्राण शरीर की भांति है — गति रहित, उद्देश्यहीन।
निस्संदेह, सफलता के शिखर तक पहुंचने का कोई जादुई मार्ग नहीं होता। उसका आधार हमेशा हमारा परिश्रम, हमारी लगन और हमारे ईमानदार प्रयास ही होते हैं। सफलता कभी एक दिन में नहीं मिलती, और न ही किसी एक प्रयास से — वह तो निरंतर प्रयासों, असंख्य असफलताओं और अडिग धैर्य का सुफल होती है।
परंतु अक्सर देखा गया है कि लोग कुछ प्रयासों के असफल हो जाने पर हार मान लेते हैं। वे या तो भाग्य को दोषी ठहराते हैं या परिस्थितियों को। यह सोच दरअसल उनके आत्मबल की दुर्बलता को दर्शाती है। वे यह भूल जाते हैं कि असफलता, प्रयासों में हुई चूक का ही संकेत होती है — न कि हमारी योग्यता का निषेध।
हमें यह समझना होगा कि यदि हमारी सोच सकारात्मक हो, आत्मविश्वास अटूट हो और प्रयासों में ईमानदारी हो, तो कोई भी सफलता असंभव नहीं। आवश्यकता केवल इस बात की है कि हम एक ऐसा प्रयास करें, जिसमें हार की कोई गुंजाइश ही न हो। ऐसा प्रयास जो केवल लक्ष्य तक पहुँचने का साधन न बने, बल्कि स्वयं हमारे अस्तित्व की सार्थकता बन जाए।
ध्यान रखें, आपका परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। कभी-कभी उसका फल देर से मिलता है, पर मिलता अवश्य है। इसलिए धैर्य बनाए रखें, आत्मविश्लेषण करते रहें और अपने प्रयासों की दिशा और गुणवत्ता का मूल्यांकन भी करते रहें। यही आत्मनिरीक्षण आपको न केवल सही दिशा देगा, बल्कि आपकी क्षमताओं को निखारने में भी सहायक बनेगा।
आपकी सोच जितनी सकारात्मक होगी, आपका मार्ग उतना ही स्पष्ट होगा। सफलता की राह कठिन अवश्य हो सकती है, लेकिन आपके सच्चे और दृढ़ प्रयास उसे अवश्य प्रशस्त करेंगे।
तो चलिए, एक बार पूरी ईमानदारी से प्रयास करके तो देखिए — परिणाम अवश्य आपके पक्ष में होगा। बस जीवन को केवल जीने की नहीं, उसे सार्थक बनाने की कोशिश कीजिए।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद