बरखा
बरखा
सावन भादो की बरखा में
हँस हँस पीड़ा सहना सीखें
उमंग उत्साह सूनी आंगन में
सांझ उषा की विरह मिलन में
जीवन के पतझड़ कानन में
भरकर हरियाली लाना सीखें
हार कर क्रीड़ा क्रंदन करने से
अच्छा ! दिल उत्साह से लक्ष्य
हासिल करना सीखें ।
क्योंकि :
दुःख के बाद ही सुख है।
टी.पी . तरुण