हल्की सी मुस्कुराहट, मीठी बोली और व्यवहार मे अपनापन यही तो ल
हल्की सी मुस्कुराहट, मीठी बोली और व्यवहार मे अपनापन यही तो लोगों को चाहिए, आखिर दो दिन की जिंदगानी मे क्या हम इतने के लिए भी गए गुजरे हैं…
हल्की सी मुस्कुराहट, मीठी बोली और व्यवहार मे अपनापन यही तो लोगों को चाहिए, आखिर दो दिन की जिंदगानी मे क्या हम इतने के लिए भी गए गुजरे हैं…