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20 Jul 2025 · 2 min read

बिहार के रूपेश को मिलेगा "निहारिका गौरव सम्मान- 2025"

बिहार के सीवान जिले के चैनपुर गांव के स्व: भीष्म प्रसाद के सबसे छोटे पुत्र रूपेश कुमार को लखनऊ में ‘निहारिका गौरव सम्मान – 2025’ के लिए सम्पूर्ण भारत के 4 उत्कृष्ठ व्यक्तियों में चुना गया है | बिहार के रूपेश कुमार को सामाजिक, साहित्यिक एवं शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए चुना गया है। सम्मान का आयोजन ‘निहारिका साहित्य मंच कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट, लखनऊ’ संस्था के तीसरे वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में किया जाएगा | दिनाँक 11अगस्त 2025 को संस्था के संस्थापिका डॉ रीमा सिन्हा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अब्दुल अजीज सिद्दिकी जी के आज्ञानुसार यह घोषणा किया गया | यह सम्मान समारोह का आयोजन भव्य तरीक़े से मुंशी प्रेमचंद सभागार, हिंदी संस्थान हजरतगंज लखनऊ , उत्तरप्रदेश मे किया जाएगा | रूपेश को इससे पहले कबीर कोहिनूर सम्मान, भारती ज्योति सम्मान, डॉ भीमराव अम्बेडकर कीर्ति सम्मान, अभ्युदय सम्मान, विश्व भूषण सम्मान,भारतरत्न अटल सम्मान, राष्ट्रीय उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, एकलव्य शिक्षक सम्मान इत्यादी सैकड़ों सम्मानों से नवाजा जा चुका है । इस सम्मान को मिलने पर युवा साहित्यकारों/सामाजिक कार्यकर्ताओं/शिक्षाविदों का मनोबल काफी बदल जाएगा तथा एक विश्वास की नई झलक दिखाई देगी | साहित्य/शिक्षा/सामाजिक जगत मे इनकी पहचान काफी है, इससे पहले इन्हें काफी राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तीन सौ से अधिक साहित्य, सामाजिक/शिक्षा सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है, रूपेश की साहित्य की चार पुस्तक दिल्ली/आसाम/गुजरात से प्रकाशित हो चुकी है जिनमे मेरी कलम रो रही है, मेरा भी आसमान नीला होगा, कैसे बताऊँ तुझे” एवं “मैं सड़क का खिलाड़ी हूँ”। जो साहित्य जगत की खूबसूरत रचनाओं से भरपूर रूपेश के संपादकीय मे भी चार साहित्यिक पुस्तकें आ चुकी है । रूपेश अभी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे है। रूपेश अद्भुत प्रतिभा के धनी है जिसके कारण इनकी रचनाओं को देश- विदेशों के पत्र पत्रिकाओं में जगह मिल चुकी है । भौतिक विज्ञान का छात्र होते हुए भी साहित्य मे अपना पैर जमाए हुए है । रूपेश वर्तमान मे साहित्यिक,सामाजिक एवं संस्कृति संस्था ‘अन्तर्राष्ट्रीय सखी साहित्य परिवार(रजि) के बिहार अध्यक्ष एवं ज्ञानोत्कर्ष अकादमी, भारत के संस्थापक है साथ ही एक प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारियां भी कर रहे है। इस उपलब्धि पर इनको हरियाणा से वरिष्ट साहित्यकार सरिता कुमार, अलीगढ़ से शिक्षिका/ साहित्यकार अल्पीनिशांत वार्ष्णेय, लखनऊ से साहित्यकार, शिव शक्ति कला फाउंडेशन की संस्थापिका मिठू राय, बेंगलुरु से साहित्यकार किरण काजल, मध्य प्रदेश, अनूपपुर से कवयित्री सरिता श्रीवास्तव सृजन, सहारनपुर से कुलदीप सिंह रुहेला, मुजफ्फरपुर की लेक्चर निधी कुमारी, पटना से रिचा प्रसाद एवं समस्त परिवार के सदस्यों इत्यादी गणमान्य व्यक्तियों ने बधाईयाँ प्रदान की |

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