हे निराकार दिव्य ज्योति शिव
हे निराकार दिव्य ज्योति शिव
दिव्य ज्ञान गुण बरसाओ
आत्मज्ञान सुख शांति प्रेम की धार वहाओ
मिट जाएं सब भेद भाव
हिंसा द्वेष असत सारे
विश्व बंधुत्व प्रकटे जन-जन में
सद्भावना हृदय में जगाओ
हे परमपिता जगदीश्वर शिव
सब आत्माओं को प्रकाशित कर
सर्वत्र शांति हो जग में
शिवत्व का ज्ञान कराओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी