*बाबा हमको दस रुपए दो (बाल कविता)*
बाबा हमको दस रुपए दो (बाल कविता)
———————————–
बाबा हमको दस रुपए दो
टॉफी लेने जाना है
दस रुपए में कितनी टॉफी
जाकर पता लगाना है
जितनी टॉफी मुझे मिलेंगी
पहले तो मैं खाऊंगा
मेरी प्यारी बहना रानी
फिर उसको खिलवाऊंगा
———————-
रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज), रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451