Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
18 Jul 2025 · 1 min read

ऐ ज़िन्दगी तुझसे बहुत दूर हूं मैं,

ऐ ज़िन्दगी तुझसे बहुत दूर हूं मैं,
मिलने को सदियों से मजबूर हूं मैं।
एक पल तेरे बिना कहीं दिल न लगाया,
अब गले लगा तेरे ही चेहरे का नूर हूं मैं ।।
Phool gufran

Loading...