ऐ ज़िन्दगी तुझसे बहुत दूर हूं मैं,
ऐ ज़िन्दगी तुझसे बहुत दूर हूं मैं,
मिलने को सदियों से मजबूर हूं मैं।
एक पल तेरे बिना कहीं दिल न लगाया,
अब गले लगा तेरे ही चेहरे का नूर हूं मैं ।।
Phool gufran
ऐ ज़िन्दगी तुझसे बहुत दूर हूं मैं,
मिलने को सदियों से मजबूर हूं मैं।
एक पल तेरे बिना कहीं दिल न लगाया,
अब गले लगा तेरे ही चेहरे का नूर हूं मैं ।।
Phool gufran