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18 Jul 2025 · 1 min read

नहिं अनुराग

नहिं अनुराग
किनको छैन्हि एतऽ
नऽ स्नेह उत्पन्न
कखनो भ सकल !
नहिं पढ़लहूँ
नऽ बजलहूँ मैथिली
तखन मैथिल कहेबाक लेल
किया छी बेकल!!
@परिमल

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