लोग मिल जाते हैं यूं राहों में चलते चलते।
लोग मिल जाते हैं यूं राहों में चलते चलते।
सभी हमराह वफादार कहां होता है।।
जिसे देखो वहीं क्यों भाग रहा है “कश्यप”।
लम्हे फुर्सत के इंतजार कहां होता है।।
लोग मिल जाते हैं यूं राहों में चलते चलते।
सभी हमराह वफादार कहां होता है।।
जिसे देखो वहीं क्यों भाग रहा है “कश्यप”।
लम्हे फुर्सत के इंतजार कहां होता है।।