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18 Jul 2025 · 1 min read

उमंग, हिलोर

हवा कान मे कह गई,…आएगा चितचोर l
सागर उमड़ा प्यार का,मन मे उठे हिलोरll

जहां स्वार्थ की भावना,लेने लगे हिलोर l
रिश्तों की रस्सी वहां, होती है कमजोर ll

मेघा काले हो गये, …….लगे बदलने रंग l
आया सावन झूमकर, मन में उठी उमंग ll
रमेेश शर्मा.

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