उमंग, हिलोर
हवा कान मे कह गई,…आएगा चितचोर l
सागर उमड़ा प्यार का,मन मे उठे हिलोरll
जहां स्वार्थ की भावना,लेने लगे हिलोर l
रिश्तों की रस्सी वहां, होती है कमजोर ll
मेघा काले हो गये, …….लगे बदलने रंग l
आया सावन झूमकर, मन में उठी उमंग ll
रमेेश शर्मा.