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17 Jul 2025 · 1 min read

*जिसने छोड़ा मोह जगत का, कॉंवड़िया कहलाता है (मुक्तक)*

जिसने छोड़ा मोह जगत का, कॉंवड़िया कहलाता है (मुक्तक)
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जिसने छोड़ा मोह जगत का, कॉंवड़िया कहलाता है
कंधे पर कॉंवड़ को रखकर, जल भरकर वह लाता है
नंगे पॉंव चला जो पथ पर, मन में शिव का ध्यान धरे
नमस्कार कर सारे जग को, परम शांति पा जाता है
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रचयिता: रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा (निकट मिस्टन गंज) रामपुर, उत्तर प्रदेश
मोबाइल 9997615451

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