शीर्षक - एक सच
शीर्षक – एक सच
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एक सच तो बस यही हर सवेरा कहता है।
मन में उम्मीद एक झूठ सही बस होती हैं।
सच हम सब के मन भाव में रहते हैं।
हर एक से ख़ुश और ठीक शब्द हम कहते हैं।
हर दिन हर पल सब वो लिखता है।
हम कठपुतली किरदार बस हम निभाते हैं।
न सोचों कल पल की सब यही रह जाता हैं।
नीरज शब्दों में मन से एक सच लिखते हैं
रिश्ते नाते बहन भाई सब एक शब्द होते हैं।
हर सुबह हम सुप्रभात मित्रों कहते हैं।
एक सोच हमारी जिंदगी होती हैं।
आओ, आज अभी हम पल जीते हैं।
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नीरज कुमार अग्रवाल चंदौसी उत्तर प्रदेश